सलत(दैनिक प्रार्थना)
प्रार्थना के आवश्यक आध्यात्मिक तत्व
ज़िक्र : ईश्वरीय याद
हृदय की उपस्थिति
सलत के अन्य आध्यात्मिक तत्व
सलत का आरंभ
दैनिक प्रार्थना
प्रार्थना के संघटक 1
प्रार्थना के संघटक 2
सलत में स्तुति और शारीरिक मुद्राओं का रहस्य
दैनिक प्रार्थना
प्रार्थना शुरु करने से पहले प्रक्षालन होता है।
तत्पश्चात एक स्वच्छ स्थान चुना जाता है, जहाँ प्रार्थना करनेवाला ईश्वर का घर या घेबल यानी मक्का की दिशा में खडा होता है और आह्वान या अज़ान तथा उदय या एघमे पढता है फिर दैनिक प्रार्थना शुरु करता है। प्रत्येक प्रार्थना, उसके लिए प्रार्थना समय-सारणी में निर्धारित समय पर ही होनी चाहिए।
सुबह की प्रार्थना, 2 रक़’आत:
- 1. नीयत
- 2. आमंत्रण
- 3. पहला रक’आत: वाचन, झुकना, झुकने के बाद उठना, साष्टांग प्रणाम (2 बार)
- 4. दूसरा रक’आत: वाचन, झुकना, झुकने के बाद उठना, साष्टांग प्रणाम (2 बार) और साक्षीकरण
- 5. स्वागत और समापन
सूर्यास्त की प्रार्थना, 3 रक़’आत:
- 1. नीयत
- 2. आमंत्रण
- 3. पहला रक’आत: वाचन, झुकना, झुकने के बाद उठना, साष्टांग प्रणाम (2 बार)
- 4. दूसरा रक’आत: वाचन, झुकना, झुकने के बाद उठना, साष्टांग प्रणाम (2 बार) और साक्षीकरण
- 5. तीसरा रक’आत: स्तुति, झुकना, झुकने के बाद उठना, साष्टांग प्रणाम (2 बार) और साक्षीकरण
- 6. स्वागत और समापन
दोपहर या दोपहर बाद की प्रार्थना, 4 रक़’आत:
- 1. नीयत
- 2. आमंत्रण
- 3. पहला रक’आत: वाचन, झुकना, झुकने के बाद उठना, साष्टांग प्रणाम (2 बार)
- 4. दूसरा रक’आत: वाचन, झुकना, झुकने के बाद उठना, साष्टांग प्रणाम (2 बार) और साक्षीकरण
- 5. तीसरा रक’आत: स्तुति, झुकना, झुकने के बाद उठना, साष्टांग प्रणाम (2 बार)
- 6. चौथा रक’आत: स्तुति, झुकना, झुकने के बाद उठना, साष्टांग प्रणाम (2 बार) और साक्षीकरण
- 7. स्वागत और समापन